उर्दू शायरी · ग़ज़ल

chhoD zanjir ko duhai de

छोड़ ज़ंजीर को दुहाई दे

چھوڑ زنجیر کو دہائی دے

शायर: J E Najm5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

छोड़ ज़ंजीर को दुहाई दे
ताकि लोगों को भी सुनाई दे

कब कहा था मुझे ख़ुदाई दे
मेरे अंदर से तू दिखाई दे

खींच सीने से तीर धड़कन का
खींच ले और मुझे रिहाई दे

तेरी जानिब सुराग़ जाएगा
जान-ए-मन इतनी मत सफ़ाई दे

मैं तिरी आँख में उतर पाऊँ
इस क़दर मुझ को भी रसाई दे