उर्दू शायरी · ग़ज़ल

bas ek aaKHiri raste mein hum khaDi dekhen

बस एक आख़िरी रस्ते में हम खड़ी देखें

بس ایک آخری رستے میں ہم کھڑی دیکھیں

शायर: M. S. Mahawar4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

बस एक आख़िरी रस्ते में हम खड़ी देखें
तिरा ये चेहरा हसीं देखें या घड़ी देखें

है इंतिज़ार तिरे सामने से गुज़रें आज
मुसलसल आज ये आँखें तिरी लड़ी देखें

ये आरज़ू कि तुम्हें देखें जब कभी आँखें
ये चेहरे पे तिरे मुस्कान हम बड़ी देखें

यूँ मुद्दतों नहीं आती तुम्हारी याद हमें
कभी जो जाए तो अश्कों की हम झड़ी देखें