उर्दू शायरी · ग़ज़ल

baDi jaani hui aawaz mein kis ne bulaya hai

बड़ी जानी हुई आवाज़ में किस ने बुलाया है

بڑی جانی ہوئی آواز میں کس نے بلایا ہے

शायर: Pankaj Subeer6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

बड़ी जानी हुई आवाज़ में किस ने बुलाया है
कोई गुज़रे हुए वक़्तों से शायद लौट आया है

चलो अब सोच कर ये ही शराफ़त से बिछड़ जाएँ
ये दिल-विल तो जवानी में सभी ने ही लगाया है

हमें तो लग रहा था ये कि हम गुमनाम हैं लेकिन
किसी ने आज फिर दरवाज़ा दिल का खटखटाया है

हमारा नाम ही आया नहीं पूरे फ़साने में
कहानी को कुछ इस अंदाज़ से उस ने सुनाया है

हमारे दिल का वो आँगन जहाँ तारे न थे कल तक
उसी में चौदहवीं का चाँद पूरा जगमगाया है

न कोई ख़त मिला हम को नहीं पैग़ाम कोई पर
सुना दावत का उस ने शहर में रुक़्क़ा घुमाया है