उर्दू शायरी · ग़ज़ल

abhi samjhaen kya tumko abhi tum ishq mein ho

अभी समझाएँ क्या तुम को अभी तुम इश्क़ में हो

ابھی سمجھائیں کیا تم کو ابھی تم عشق میں ہو

शायर: Pankaj Subeer6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

अभी समझाएँ क्या तुम को अभी तुम इश्क़ में हो
अभी तो बस दुआएँ लो अभी तुम इश्क़ में हो

भले अपने ही घर जाना है पर भूलोगे रस्ता
किसी को साथ में रक्खो अभी तुम इश्क़ में हो

नहीं मानेगा कोई भी बुरा बिल्कुल ज़रा भी
अभी तुम चाहे जो कह दो अभी तुम इश्क़ हो

कोई समझा-बुझा के राह पर फिर ले न आए
किसी के पास मत बैठो अभी तुम इश्क़ में हो

तुम्हारे हाथ में जलती रहे सिगरेट मुसलसल
कलेजे को ज़रा फूँको अभी तुम इश्क़ में हो

वो परसों भी नहीं आया नहीं आया वो कल भी
गिनो मत रास्ता देखो अभी तुम इश्क़ में हो