उर्दू शायरी · ग़ज़ल

bais-e-iztirab KHamoshi

बाइस-ए-इज़्तिराब ख़ामोशी

باعث اضطراب خاموشی

शायर: Iftikhar Raghib7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

बाइस-ए-इज़्तिराब ख़ामोशी
इक मुसलसल अज़ाब ख़ामोशी

गुफ़्तुगू है अभी हमा-तन-गोश
कर रही है ख़िताब ख़ामोशी

किस क़दर दिल ख़राश है मत पूछ
ख़ामुशी का जवाब ख़ामोशी

सारे लफ़्ज़ों ने साथ छोड़ दिया
जब हुई बारयाब ख़ामोशी

ख़ुश-बयानी का ज़ो'म ख़त्म हुआ
कर गई ला-जवाब ख़ामोशी

इक तरफ़ पुर-कशिश मिरे अशआर
इक तरफ़ इज्तिनाब ख़ामोशी

उन के होंटों पे कुछ नहीं 'राग़िब'
हो गई बे-नक़ाब ख़ामोशी