उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ba-nala hasil-e-dil-bastagi faraham kar

ब-नाला हासिल-ए-दिल-बस्तगी फ़राहम कर

بہ نالہ حاصل دل بستگی فراہم کر (ردیف .. م)

शायर: Mirza Ghalib6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ब-नाला हासिल-ए-दिल-बस्तगी फ़राहम कर
मता-ए-ख़ाना-ए-ज़ंजीर जुज़ सदा मा'लूम

ब-क़द्र-ए-हौसला-ए-इश्क़ जल्वा-रेज़ी है
वगर्ना ख़ाना-ए-आईना की फ़ज़ा मा'लूम

बहार दर-गिरौ-ए-ग़ुंचा शहर-ए-जौलाँ है
तिलिस्म-ए-नाज़ ब-जुज़ तंगी-ए-क़बा मा'लूम

तिलिस्म-ए-ख़ाक कमीं-गाह-ए-यक-जहाँ सौदा
ब-मर्ग तकिया-ए-आसाइश-ए-फ़ना मा'लूम

तकल्लुफ़ आइना-ए-दो-जहाँ मदारा है
सुराग़-ए-यक-न-गह-ए-क़हर-आश्ना मा'लूम

'असद' फ़रेफ्ता-ए-इंतिख़ाब-ए-तर्ज़-ए-जफ़ा
वगर्ना दिलबरी-ए-वादा-ए-वफ़ा मा'लूम