उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ajab ashkon ki barish ho gai hai

अजब अश्कों की बारिश हो गई है

عجب اشکوں کی بارش ہو گئی ہے

शायर: Obaid Haris5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

अजब अश्कों की बारिश हो गई है
दिलों की गर्द सारी धो गई है

सुनाई दे रही हैं सिसकियाँ अब
सुहानी रागनी चुप हो गई है

डरे जाते हैं हम को देख कर सब
हमारी शक्ल हम से खो गई है

भरा रहता है कमरे में अंधेरा
हमारी नींद भी अब सो गई है

किसी के साथ रहते रहते 'हारिस'
मिरी पहचान मुझ में खो गई है