उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aisi wusat ki chamakte hain sitare dil mein

ऐसी वुसअ'त कि चमकते हैं सितारे दिल में

ایسی وسعت کہ چمکتے ہیں ستارے دل میں

शायर: Aal-e-Umar8 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ऐसी वुसअ'त कि चमकते हैं सितारे दिल में
उस को रहना ही नहीं आया हमारे दिल में

सब ने आ आ के मिरा ज़ेहनी तवाज़ुन छेड़ा
लोग जो जो भी मोहब्बत से उतारे दिल में

तू ने क्या जुर्म किया होगा जो मैं रहता रहा
इतना अर्सा मिरे चंदा तिरे प्यारे दिल में

तेरा रोना तिरे कुछ काम नहीं आएगा दोस्त
सब्ज़ बत्ती पे नहीं खुलते इशारे दिल में

उस की आँखों से जो देखे थे उन्ही ख़्वाबों ने
आज कल आग लगा रक्खी है सारे दिल में

कोई दो चार नए ज़ख़्म कि रश पड़ जाए
सिर्फ़ इक डर रहा करता है बेचारे दिल में

सच्चे दिल वाली मिरे हुजरे में रहती है हुज़ूर
मीठे पानी का कुआँ है मिरे खारे दिल में

मेरा अल्लाह मिरे साथ है वो जानती है
उस ने डरते हुए चलवाए हैं आरे दिल में