उर्दू शायरी · ग़ज़ल

achchha hai tu ne in dinon dekha nahin mujhe

अच्छा है तू ने इन दिनों देखा नहीं मुझे

اچھا ہے تو نے ان دنوں دیکھا نہیں مجھے

शायर: Faizi6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

अच्छा है तू ने इन दिनों देखा नहीं मुझे
दुनिया ने तेरे काम का छोड़ा नहीं मुझे

हाँ ठीक है मैं भूला हुआ हूँ जहान को
लेकिन ख़याल अपना भी होता नहीं मुझे

अब अपने आँसुओं पे है सैराबी-ए-हयात
कुछ और इस फ़लक पे भरोसा नहीं मुझे

है मेहरबाँ कोई जो किए जा रहा है काम
वर्ना मआश का तो सलीक़ा नहीं मुझे

ऐ रह-गुज़ार-ए-सिलसिला-ए-इश्क़-ए-बे-लगाम
जाना कहाँ है तू ने बताया नहीं मुझे

है तो मिरा भी नाम सर-ए-फ़हरिस-ए-जुनूँ
लेकिन अभी किसी ने पुकारा नहीं मुझे