उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aankhen bujh jaengi shola rah jaega

आँखें बुझ जाएँगी शो'ला रह जाएगा

آنکھیں بجھ جائیں گی شعلہ رہ جائے گا

शायर: Faizan Hashmi7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

आँखें बुझ जाएँगी शो'ला रह जाएगा
या'नी जो देखा था देखा रह जाएगा

अगली सा'अत शे'र पूरा कर पाएगी
या ये मिस्रा मेरे जैसा रह जाएगा

तेरा बोसा ऐसा प्याला है जिस में से
पानी पीने वाला प्यासा रह जाएगा

दोनों में से उस पे दिल को रुकना होगा
लम्हों में से जो ज़ियादा रह जाएगा

मेरी आहट सुन ले जो तू सुन सकता है
फिर ये आना जाना नग़्मा रह जाएगा

रंग आख़िर उड़ते जाएँगे यादों के
दिल में बाक़ी है जो ख़ाका रह जाएगा

लड़कियाँ दो उठ न पाएँगी लेटी तो
हुस्न अपना हुस्न चुनता रह जाएगा