उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aag mein jalte hue dekha gaya hai

आग में जलते हुए देखा गया है

آگ میں جلتے ہوئے دیکھا گیا ہے

शायर: Daniyal Tareer5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

आग में जलते हुए देखा गया है
आसमाँ गलते हुए देखा गया है

एक बे-चेहरा मुसाफ़िर रंग ओढ़े
धुँद में चलते हुए देखा गया है

मुट्ठियाँ भर कर उसे तारीकियों से
शक्ल पर मलते हुए देखा गया है

घर में भी हूँ और मुझ को दश्त में भी
धूप में जलते हुए देखा गया है

चौदहवीं के चाँद में उस का सरापा
सुब्ह-दम ढलते हुए देखा गया है