ज़िंदगी दी है तो जीने का क़रीना दे देमेरे मौला ! हमें रहने को मदीना दे दे
ज़िंदगी दी है तो जीने का क़रीना दे दे
क्या करूँगा मैं गुलाब और चमेली ले करहम को दो बूँद मुहम्मद का पसीना दे दे
ज़िंदगी दी है तो जीने का क़रीना दे दे
दिल है बे-चैन कि आँखों से मदीना देखेसब की क़िस्मत में ख़ुदा हज का महीना दे दे
ज़िंदगी दी है तो जीने का क़रीना दे देमेरे मौला ! हमें रहने को मदीना दे दे
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