नात लिरिक्स

Zahe Qismat Jo Aa Jaye Qaza Aaqa Ki Chaukhat Par

ज़हे-क़िस्मत जो आ जाए क़ज़ा आक़ा की चौखट पर

नात ख़्वान: अक़ील सिद्दीक़ी बरेलवीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ज़हे-क़िस्मत जो आ जाए क़ज़ा आक़ा की चौखट परमुकम्मल मौत का आए मज़ा आक़ा की चौखट पर

ख़ता है 'इश्क़ तो सूली चढ़ा दो शौक़ से मुझ कोमगर ये शर्त है देना सज़ा आक़ा की चौखट पर

मदीने से जो हो कर आए हैं वो ये बताते हैंअदब के साथ चलती है हवा आक़ा की चौखट पर

तमन्ना है दिल-ए-शारिक़-रज़ा की, हो ख़ुदा ! पूरीअदब से ये करे मदह-ओ-सना आक़ा की चौखट पर

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