नात लिरिक्स

Ye To Khwaja Ka Karam Hai, Mere Khwaja Ka Karam Hai

ये तो ख़्वाजा का करम है, मेरे ख़्वाजा का करम है

नात ख़्वान: असलम साबरीशायर: असलम साबरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ये तो ख़्वाजा का करम हैमेरे ख़्वाजा का करम हैये तो ख़्वाजा का करम है

लेते ही नाम ख़्वाजा का तूफ़ान हट गयाकश्ती में मेरी आ के समंदर सिमट गया

ये तो ख़्वाजा का करम हैमेरे ख़्वाजा का करम हैये तो ख़्वाजा का करम है

ख़्वाजा के 'इश्क़ में मुझे बतलाऊँ क्या मिलामुर्शिद मिले, रसूल मिले और ख़ुदा मिला

ये तो ख़्वाजा का करम हैमेरे ख़्वाजा का करम हैये तो ख़्वाजा का करम है

दामन को मेरे भर दिया ख़ुशियों से ख़्वाजा नेऔक़ात से ज़ियादा नवाज़ा है ख़्वाजा ने

ये तो ख़्वाजा का करम हैमेरे ख़्वाजा का करम हैये तो ख़्वाजा का करम है

जिस वक़्त मैंने, दोस्तो ! ख़्वाजा को पुकाराफ़ौरन ही मिल गया मुझे मुश्किल में सहाराजब से मिला है मुझ को उसी दर का उतारापहुँचा बुलंदियों पे मुक़द्दर का सितारा

ये तो ख़्वाजा का करम हैमेरे ख़्वाजा का करम हैये तो ख़्वाजा का करम है

मुझ ग़मज़दा को आप ने दर पे बुला लियादामन में अपने ख़्वाजा ने मुझ को छुपा लियाख़्वाजा पिया का मुझ पे ये एहसान देखिएमुझ जैसे इक हक़ीर को अपना बना लिया

ये तो ख़्वाजा का करम हैमेरे ख़्वाजा का करम हैये तो ख़्वाजा का करम है

क्या शान-ए-करम, जूद-ओ-सख़ा, बहर-ए-'अता हैख़ुद मँगतों को ख़्वाजा का करम ढूँढ रहा हैजब तक बिका न था तो कोई पूछता न थातुम ने ख़रीद कर मुझे अनमोल कर दिया

ये तो ख़्वाजा का करम हैमेरे ख़्वाजा का करम हैये तो ख़्वाजा का करम है

निस्बत मिली है जब से मुझे तेरे नाम की'इज़्ज़त जहाँ में होने लगी इस ग़ुलाम की

ये तो ख़्वाजा का करम हैमेरे ख़्वाजा का करम हैये तो ख़्वाजा का करम है

कभी कभी तो कोई नवाज़ेमेरा ख़्वाजा सदा नवाज़े

उसी दर की बदौलत, बा-ख़ुदा, पाई है ये दौलतलुटाता जाता हूँ जितनी ये उतनी बढ़ती जाती है

ये तो ख़्वाजा का करम हैमेरे ख़्वाजा का करम हैये तो ख़्वाजा का करम है

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