नात लिरिक्स

Ye Kahan Likha Hai

ये कहाँ लिखा है

उपलब्ध: हिंदी

जश्न-ए-आक़ा न मनाओ ! ये कहाँ लिखा है?लाओ क़ुरआं में दिखाओ ! ये कहाँ लिखा है?

जिन के मीलाद पे जिब्रील लगाएं झंडेंउन का झंडा न लगाओ ! ये कहाँ लिखा है?

जश्न-ए-आक़ा न मनाओ ! ये कहाँ लिखा है?लाओ क़ुरआं में दिखाओ ! ये कहाँ लिखा है?

जिन की महफ़िल में फ़रिश्ते भी अदब से आएंउन की महफ़िल में न आओ ! ये कहाँ लिखा है?

जश्न-ए-आक़ा न मनाओ ! ये कहाँ लिखा है?लाओ क़ुरआं में दिखाओ ! ये कहाँ लिखा है?

पानी आक़ा के वुज़ू का थे सहाबा पीतेपूछो असहाब से जाओ ! ये कहाँ लिखा है?

जश्न-ए-आक़ा न मनाओ ! ये कहाँ लिखा है?लाओ क़ुरआं में दिखाओ ! ये कहाँ लिखा है?

चाँद-सूरज को इशारों पे चलाया जिस नेउन को अपना सा बताओ ! ये कहाँ लिखा है?

जश्न-ए-आक़ा न मनाओ ! ये कहाँ लिखा है?लाओ क़ुरआं में दिखाओ ! ये कहाँ लिखा है?

जिन के टुकड़ों से पला करते हैं दोनों आलमउन का लंगर न खिलाओ ! ये कहाँ लिखा है?

जश्न-ए-आक़ा न मनाओ ! ये कहाँ लिखा है?लाओ क़ुरआं में दिखाओ ! ये कहाँ लिखा है?

क़ासमी ! उन के लिए नात यही काफ़ी हैवो जो कहते हैं ये बताओ ! ये कहाँ लिखा है?

जश्न-ए-आक़ा न मनाओ ! ये कहाँ लिखा है?लाओ क़ुरआं में दिखाओ ! ये कहाँ लिखा है?

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