नात लिरिक्स

Yaad-e-Sarkaar Se Dil Machalne Laga

याद-ए-सरकार से दिल मचलने लगा

उपलब्ध: हिंदी

याद-ए-सरकार से दिल मचलने लगाधीरे धीरे मुक़द्दर सँवरने लगा

याद फ़रमा लिया जिस को सरकार नेउस की क़िस्मत का तारा चमकने लगा

नारा हमने लगाया जो सरकार कासुन के शैतान रस्ता बदलने लगा

खोटे सिक्के थे जितने वो चल न सकेआ'ला हज़रत का सिक्का खनकने लगा

नाम अहमद रज़ा का जो हम ने लियाबज़्म से देवबंदी निकलने लगा

उल्फ़त-ए-शाह-ए-दीं जिस के दिल में बसीगिरते गिरते वो यारो ! संभलने लगा

ये भी ग़ौसुलवरा का ही फ़ैज़ान हैज़र्रा ज़र्रा यहाँ का चमकने लगा

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