नात लिरिक्स

Ya Sayyadi Habibi Khairul Anam Aaqa | Apne Salamiyon Ka Le Lo Salam Aaqa

या सय्यदी हबीबी ख़ैर-उल-अनाम आक़ा | अपने सलामियों का ले लो सलाम आक़ा

उपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

या सय्यदी हबीबी ख़ैर-उल-अनाम आक़ा !अपने सलामियों का ले लो सलाम, आक़ा !

आए हैं हाथ ख़ाली, भर दो हुज़ूर-ए-'आली !माँगे है आज तुम से मँगतों की ख़स्ता-हालीरहमत की सुब्ह आक़ा ! रहमत की शाम आक़ा !

या सय्यदी हबीबी ख़ैर-उल-अनाम आक़ा !अपने सलामियों का ले लो सलाम, आक़ा !

तुम से ज़ियादा प्यारी जाँ भी नहीं हमारीदोनों जहाँ मिले हैं दहलीज़ पर तुम्हारीआक़ाइयाँ हुई हैं तुम पर तमाम, आक़ा !

या सय्यदी हबीबी ख़ैर-उल-अनाम आक़ा !अपने सलामियों का ले लो सलाम, आक़ा !

एहसास में जड़े हैं, मुजरिम बने खड़े हैंशर्मिंदा भी बहुत हैं, मुश्ताक़ भी बड़े हैंहम को मु'आफ़ कर दो, हम हैं ग़ुलाम, आक़ा !

या सय्यदी हबीबी ख़ैर-उल-अनाम आक़ा !अपने सलामियों का ले लो सलाम, आक़ा !

नशीद-ख़्वाँ:अज़ीज़ नाज़ाँ

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