या रसूलल्लाह, या रसूलल्लाहया रसूलल्लाह, या रसूलल्लाह
सुन तयबा नगर के महाराजा, फ़रियाद मोरे इन असुवन कीमोरे नैन दुखी हैं सुख-दाता, दो भीख इन्हें अब दर्शन की
जब तोरी डगर मैं पाउँगा, तोरे सपनों में खो जाऊंगातोरा रूप रचूंगा नैनन में, सुख छैयां में बैठ खजूरन की
तोरे रूप की ज्योत से तो जग में क्या जल जल जल उजियारो हैतोरे केश बदरवा रेहमत के, क्या रचना रचूं तोरे नैनन की
जब रुत हो सुहानी सावन की, तब मुझ को बुलाओ मोरे प्यारे नबी!बागन में तोरे जुल्वा जूलूं, मैं बन के सहेली हूरन की
मिल जाए अगर दरबार तेरो, पलकन से बुहारूं द्वार तेरोमैं मुख से मलूँ, नैनन में रचूं, जो धुल मिले तोरे आँगन की
या रसूलल्लाह, या रसूलल्लाहया रसूलल्लाह, या रसूलल्लाह
उठा दो पर्दा, दिखा दो चेहरा, कि नूरे बारी ह़िजाब में हैज़माना तारीक हो रहा है कि मेह्र कब से निक़ाब में है
खड़े हैं मुन्कर नकीर सर पर. न कोई ह़ामी न कोई यावर !बता दो आ कर मेरे पयम्बर कि सख़्त मुश्किल जवाब में है
ख़ुदा-ए-क़ह्हार है ग़ज़ब पर, खुले हैं बदकारियों के दफ़्तरबचा लो आ कर शफ़ीए़ मह़शर, तुम्हारा बन्दा अ़ज़ाब में है
या रसूलल्लाह, या रसूलल्लाहया रसूलल्लाह, या रसूलल्लाह
सब से औला व आ’ला हमारा नबीसब से बाला व वाला हमारा नबी
ख़ल्क़ से औलिया औलिया से रुसुलऔर रसूलों से आ’ला हमारा नबी
कौन देता है देने को मुंह चाहियेदेने वाला है सच्चा हमारा नबी
सब चमक वाले उजलों में चमका कियेअन्धे शीशों में चमका हमारा नबी
या रसूलल्लाह, या रसूलल्लाहया रसूलल्लाह, या रसूलल्लाह
सरकार मिसाल नहीं तुमरी, तुमसा न हुवा पैदा जानाहै सल्ले अला सुब्हानल्लाह, तेरी ज़ात को सब से जुदा जाना
है ज़िक्रे-नबी ता औज़े-फलक, यानी वरफ'अना लक ज़िक्रकचो ओर है सुंदरता की झलक, हर शय को तेरा जल्वा जाना
ये दीन मिला, ईमान मिला, जीने के लिये क़ुरआन मिलाबख़्शिश का हमें सामान मिला, तुम्हे शाफ-ए-रोज़े-जज़ा जाना
वो नूर जो अर्श की ज़ीनत था, पेशानी-ए-आदम में चमकापहला इन्सां तख़्लीक़ हुवा, तेरे नूर को नूरे-ख़ुदा जाना
मन कमतरो खामए मन कमतर, क्यों कर हो बयां शाने-अतहरक़ुरआन है जिन का खुद मज़हर, क़ुरआन को रब की सदा जाना
लम याति नज़ीरुक फ़ी नज़रिन, मिस्ले तो न शुद पैदा जानाजग राज को ताज तोरे सर सो, है तुझ को शहे दो सरा जाना
अल-बह़रू अ़ला वल-मौजु त़गा, मन बे कसो तू़फ़ां होशरुबामंजधार में हूं बिगड़ी है हवा, मोरी नय्या पार लगा जाना
अना फी अ़त़शिव्व सखा़क अतम, ऐ गेसूए पाक ऐ अब्रे करमबरसन हारे रिमझिम रिमझिम, दो बूंद इधर भी गिरा जाना
या रसूलल्लाह, या रसूलल्लाहया रसूलल्लाह, या रसूलल्लाह
मेरी गवाही, मेरी शहादत मदीने वाले के हाथ में हैमेरी नमाज़ और मेरी जन्नत मदीने वाले के हाथ में है
ये इल्मो-फ़ज़्लो-कमालो-हिकमत मदीने वाले के हाथ में हैये सरबुलन्दी, ये शानो-शौकत मदीने वाले के हाथ में है
ज़बूरो-तौरेत भी है बरहक़, मगर मुझे इनकी क्या ज़रुरतमेरी किताब और मेरी हिदायत मदीने वाले के हाथ में है
दिखा के तहज़ीब के उजाले, मुझे न बहकाए दुनिया वालेमैं जानता हूँ ख़ुदा की रहमत मदीने वाले के हाथ में है
ख़ुदा का रहमो-करम है सब पर, वही है दोनों जहां का मालिकमगर बक़ौले रज़ा हुकूमत मदीने वाले के हाथ में है
वो राहबर भी, वो पासबां भी, वो इल्म वाले हैं ग़ैब-दां भीख़ुदा की बख़्शि हर एक नेअमत मदीने वाले के हाथ में है
गवाही देता है सेहने-अक़्सा, जो सारे नबियों ने सफ बनाईकहा ये जिब्रील ने इमामत मदीने वाले के हाथ में है
हज़ार आएं बलाएं लेकिन, बलाएं कुछ भी न कर सकेंगीबता दो उन से मेरी हिफाज़त मदीने वाले के हाथ में है
बहोत हैं महशर की गर्म ख़बरें, मगर मुझे कोई डर नहीं हैमुझे यक़ीं है मेरी शफ़ाअत मदीने वाले के हाथ में है
या रसूलल्लाह, या रसूलल्लाहया रसूलल्लाह, या रसूलल्लाह
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