नात लिरिक्स

Ya Rasoolallah Ab Izn-e-Madina Dijiye

या रसूलल्लाह अब इज़्न-ए-मदीना दीजिए

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीशायर: मुहम्मद शौक़ीन नवाज़ शौक़ फ़रीदीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

कर दो करम, शाह-ए-मदीना !कर दो करम, शाह-ए-मदीना !

मुझे बुला लो शह-ए-मदीना ! ये हिज्र का ग़म सता रहा हैमैं दर पे आऊँ, यही तो अरमान दिल में तूफ़ाँ मचा रहा है

या रसूलल्लाह ! अब इज़्न-ए-मदीना दीजिए

'उम्र कटती जा रही है, चश्म-ए-रहमत कीजिएया रसूलल्लाह ! अब इज़्न-ए-मदीना दीजिए

क्या ख़ता मुझ से हुई, जो आप से मैं दूर हूँहर घड़ी इस ख़ौफ़-ओ-ग़म से मैं बहुत रंजूर हूँहो गई मुझ से ख़ता अब दरगुज़र कर दीजिएया रसूलल्लाह ! अब इज़्न-ए-मदीना दीजिए

कर दो करम, शाह-ए-मदीना !कर दो करम, शाह-ए-मदीना !

दिल में बचपन से है ख़्वाहिश, देखूँ तयबा की बहारऔर आँखों से लगाऊँ आप के दर का ग़ुबारमर न जाऊँ मैं कहीं, ख़्वाहिश ये पूरी कीजिएया रसूलल्लाह ! अब इज़्न-ए-मदीना दीजिए

कर दो करम, शाह-ए-मदीना !कर दो करम, शाह-ए-मदीना !

आप की सरकार में है आँसू आँसू मुद्द'ईऔर मेरी धड़कनों की भी सदाएँ हैं यहीमैं हूँ मोहताज-ए-नज़र, चश्म-ए-'इनायत कीजिएया रसूलल्लाह ! अब इज़्न-ए-मदीना दीजिए

कर दो करम, शाह-ए-मदीना !कर दो करम, शाह-ए-मदीना !

आरज़ू है क़ब्र-ए-अनवर देखूँ ज़हरा पाक कीऔर मज़ार-ए-हज़रत-ए-हम्ज़ा पे भी दूँ हाज़िरीमुझ से अहक़र को भी ये आ'ला स'आदत दीजिएया रसूलल्लाह ! अब इज़्न-ए-मदीना दीजिए

कर दो करम, शाह-ए-मदीना !कर दो करम, शाह-ए-मदीना !

रोक लेती हैं क़दम ये मुफ़्लिसी की बेड़ियाँअब सही जाती नहीं सरकार मुझ से दूरियाँआप हैं मुख़्तार-ए-कुल, कोई ज़री'आ कीजिएया रसूलल्लाह ! अब इज़्न-ए-मदीना दीजिए

कर दो करम, शाह-ए-मदीना !कर दो करम, शाह-ए-मदीना !

जिस घड़ी होता है रुख़्सत हाजियों का क़ाफ़िलादेख कर उस को मेरा दिल होता है ग़मगीं बड़ामुंतज़िर बरसों से हूँ इस बार कुछ तो कीजिएया रसूलल्लाह ! अब इज़्न-ए-मदीना दीजिए

कर दो करम, शाह-ए-मदीना !कर दो करम, शाह-ए-मदीना !

है ये हसरत वक़्त-ए-रुख़्सत आप हों जल्वा-नुमामाह-ए-रमज़ान-उल-मुबारक और दिन हो जुम'ए काना-तवाँ शौक़-ए-फ़रीदी को शरफ़ ये दीजिएया रसूलल्लाह ! अब इज़्न-ए-मदीना दीजिए

कर दो करम, शाह-ए-मदीना !कर दो करम, शाह-ए-मदीना !

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