नात लिरिक्स

Ya Rasool Allah | Ya Nabi Allah Ya Habib Allah | Danish and Dawar

या रसूलल्लाह | या नबीयल्लाह या हबीबल्लाह | दानिश और दावर

नात ख़्वान: दानिश ऍफ़ दारउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

या नबीयल्लाह ! या हबीबल्लाह !दो जहाँ के ताजदार हैं मुहम्मदुर्रसूलुल्लाह

या नबीयल्लाह ! या हबीबल्लाह !महबूब-ए-परवरदिगार हैं मुहम्मदुर्रसूलुल्लाह

वो जो न थे तो कुछ न था, वो जो न हों तो कुछ न होजान हैं वो जहान की, जान है तो जहान है

या नबीयल्लाह ! या हबीबल्लाह !दो जहाँ के ताजदार हैं मुहम्मदुर्रसूलुल्लाह

या नबीयल्लाह ! या हबीबल्लाह !महबूब-ए-परवरदिगार हैं मुहम्मदुर्रसूलुल्लाह

आप की हर अदा पे है 'आलम फ़िदाबलग़ल-'उला बि-कमालिहि

ना हो ख़ुदा आप, ना हो ख़ुदा से जुदाकशफ़-द्दुजा बि-जमालिहि

हर वक़्त मैं याद में तेरी रहूँहसुनत जमी'उ ख़िसालिहि

हर पल ज़बाँ से ये विर्द करूँसल्लू 'अलैहि व आलिहि

दिल में 'इश्क़-ए-मुहम्मद नहीं है अगरकलमा सुनने सुनाने से क्या फ़ाइदा

क़ल्ब में शौक़-ए-तयबा नहीं है अगरमक्के में आने जाने से क्या फ़ाइदा

'अर्श पे ताज़ा छेड़-छाड़, फ़र्श पे तुर्फ़ा धूम-धामकान जिधर लगाइए तेरी ही दास्तान है

या नबीयल्लाह ! या हबीबल्लाह !दो जहाँ के ताजदार हैं मुहम्मदुर्रसूलुल्लाह

आप का ग़म-ए-उम्मत में रोनासारी उम्मत की क़िस्मत को खोल गया

आप ही की ज़ुबान से अल्लाहदीन-ए-हक़ सारे 'आलम में बोल गया

ज़िक्र-ए-उम्मत मुलाकात-ए-रब में भी थामेरी उम्मत, बस उम्मत ही उम्मत कहा

इस मोहब्बत का हक़ ना अदा कर सकेसब किया तूने, हम कुछ भी ना कर सके

ख़ुश्क सज्दे किये, ख़ूब माथा घिसाऔर पेशानी पे दाग़-ए-सज्दा पड़ा

क़ल्ब दाग़-ए-मोहब्बत से ख़ाली रहाऐसे माथा घिसाने से क्या फ़ाइदा

अल्लाहु रब्बु मुहम्मदिन सल्ला 'अलैहि व सल्लमानह्नु 'इबादु मुहम्मदिन सल्ला 'अलैहि व सल्लमा

या नबीयल्लाह ! या हबीबल्लाह !दो जहाँ के ताजदार हैं मुहम्मदुर्रसूलुल्लाह

या नबीयल्लाह ! या हबीबल्लाह !महबूब-ए-परवरदिगार हैं मुहम्मदुर्रसूलुल्लाह

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