नात लिरिक्स

Ya Rab Ye Karam Kar De Deedar-e-Muhammad Ho | Deedar-e-Aaqa

या रब ये करम कर दे दीदार-ए-मुहम्मद हो | दीदार-ए-आक़ा

शायर: शहज़ाद अलीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

दीदार-ए-आक़ा, दीदार-ए-मौला, दीदार-ए-आक़ा

या रब ! ये करम कर दे, दीदार-ए-मुहम्मद होदीदार-ए-मुहम्मद हो, दीदार-ए-मुहम्मद हो

आँखों में नमी ले कर, डरते हुए क़दमों सेरौज़े पे रुकूँ जा कर, दीदार-ए-मुहम्मद होदीदार-ए-मुहम्मद हो, दीदार-ए-मुहम्मद हो

या रब ! ये करम कर दे, दीदार-ए-मुहम्मद होदीदार-ए-मुहम्मद हो, दीदार-ए-मुहम्मद हो

मरते ही 'अता मुझ को सज्दा-ए-इलाही हो'अर्शों से जो रूह लौटे, दीदार-ए-मुहम्मद होदीदार-ए-मुहम्मद हो, दीदार-ए-मुहम्मद हो

या रब ! ये करम कर दे, दीदार-ए-मुहम्मद होदीदार-ए-मुहम्मद हो, दीदार-ए-मुहम्मद हो

सहाबा के लिए तेरे महबूब की महफ़िल थीतपती मेरी रूह को भी, दीदार-ए-मुहम्मद होदीदार-ए-मुहम्मद हो, दीदार-ए-मुहम्मद हो

या रब ! ये करम कर दे, दीदार-ए-मुहम्मद होदीदार-ए-मुहम्मद हो, दीदार-ए-मुहम्मद हो

सुन्नत पे 'अमल-पैरा न 'इश्क़ में कामिल हूँदिल फिर भी मगर चाहे, दीदार-ए-मुहम्मद होदीदार-ए-मुहम्मद हो, दीदार-ए-मुहम्मद हो

या रब ! ये करम कर दे, दीदार-ए-मुहम्मद होदीदार-ए-मुहम्मद हो, दीदार-ए-मुहम्मद हो

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