नात लिरिक्स

Ya Ghaus ! Ho Tum Abdul Qadir, Itna Hi Sahaara Kaafi Hai

या ग़ौस ! हो तुम अब्दुल क़ादिर, इतना ही सहारा काफ़ी है

उपलब्ध: हिंदी

या ग़ौस ! हो तुम अब्दुल क़ादिर, इतना ही सहारा काफ़ी हैहम क़ादरियों को मुश्किल में बस ! नाम तुम्हारा काफ़ी है

या ग़ौस ! हो तुम अब्दुल क़ादिर, इतना ही सहारा काफ़ी है

बग़दाद के गुलशन में जा कर जन्नत की तमन्ना कौन करे !या ग़ौस ! तुम्हारे रोज़े का आशिक़ को नज़ारा काफ़ी है

या ग़ौस ! हो तुम अब्दुल क़ादिर, इतना ही सहारा काफ़ी है

सूखी हुई खेती फल जाए, आई हुई आफ़त टल जाएरहमत भरी ऊँगली का तेरी बस ! एक इशारा काफ़ी है

या ग़ौस ! हो तुम अब्दुल क़ादिर, इतना ही सहारा काफ़ी है

पीर-ए-पीरां ! मीर-ए-मीरां ! ग़ौसुल-आज़म ! शाह-ए-जीलां !हर वक़्त मुरीदों को तेरे, तेरा ही सहारा काफ़ी है

या ग़ौस ! हो तुम अब्दुल क़ादिर, इतना ही सहारा काफ़ी है

दुनिया-तलबी से हूँ मैं जुदा, अंदाज़ फ़क़ीराना है ज़िया !सरकार की भीक पे हो जाए दुनिया में गुज़ारा, काफ़ी है

या ग़ौस ! हो तुम अब्दुल क़ादिर, इतना ही सहारा काफ़ी हैहम क़ादरियों को मुश्किल में बस ! नाम तुम्हारा काफ़ी है

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।