नात लिरिक्स

Ya Ali Aap Ko Mana Jaye

या अली आप को माना जाए

शायर: तारिक़ मेहमूद मिठाउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

या 'अली ! आप को माना जाएऔर जहन्नुम में ज़माना जाए

या 'अली ! आप को माना जाए

इस घराने का ये आईन रहादीन बच जाए, घराना जाए

और जहन्नुम में ज़माना जाएया 'अली ! आप को माना जाए

दिल में रखता है जो बुग़्ज़-ए-हैदरउस का सज्दा भी न माना जाए

और जहन्नुम में ज़माना जाएया 'अली ! आप को माना जाए

हर तरफ़ गूँजे हैदर-हैदरजिस तरफ़ बहलोल दीवाना जाए

और जहन्नुम में ज़माना जाएया 'अली ! आप को माना जाए

ये वही दर है जहाँ से, राहब !ले के बेटों का ख़ज़ाना जाए

और जहन्नुम में ज़माना जाएया 'अली ! आप को माना जाए

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