नात लिरिक्स

Wahi Fatima Hai Wahi Fatima Hai

वही फ़ातिमा है वही फ़ातिमा है

नात ख़्वान: इस्लाम बरकातीशायर: ज़फ़र बज़्मीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

नबी ने जिसे दिल का टुकड़ा कहा हैवही फ़ातिमा है, वही फ़ातिमा है

ज़माना कहाँ उस का समझेगा रुत्बाखड़े जिस की आमद पे होते थे आक़ालक़ब जिस को ख़ातून-ए-जन्नत मिला हैवही फ़ातिमा है, वही फ़ातिमा है

उसी से सियादत के महके चमन हैंउसी के तो बेटे हुसैन-ओ-हसन हैंकि शौहर भी जिस का वो शेर-ए-ख़ुदा हैवही फ़ातिमा है, वही फ़ातिमा है

किया ज़िक्र पर्दे का जब फ़ातिमा नेतो ख़ुद रूह उस की निकाली ख़ुदा नेअँधेरे में जिस का जनाज़ा उठा हैवही फ़ातिमा है, वही फ़ातिमा है

किसी से शिकायत न होंटों पे शिकवेहुए जितने फ़ाक़े, किए उतने सज्देवो जिस ने फ़क़ीरों को फिर भी दिया हैवही फ़ातिमा है, वही फ़ातिमा है

जो सरदार है जन्नती औरतों कीउसी से है 'इज़्ज़त हमारे घरों कीज़फ़र बज़्मी ! हर बेटी जिस पर फ़िदा हैवही फ़ातिमा है, वही फ़ातिमा है

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