नात लिरिक्स

Un Ki Azmat Badi Ho Gai Un Ka Rutba Bada Ho Gaya

उन की अज़मत बड़ी हो गई उन का रुत्बा बड़ा हो गया

नात ख़्वान: शाहबाज़ रज़ा सिद्दीक़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

उन की 'अज़मत बड़ी हो गई, उन का रुत्बा बड़ा हो गयादिल से जो मुस्तफ़ा का हुआ, उस पे राज़ी ख़ुदा हो गया

कहते कहते नबी या नबी काट दी अपनी कुल ज़िंदगीथा अजब 'आशिक़-ए-मुस्तफ़ा, नाम अहमद रज़ा हो गया

ज़ुल्म पर ज़ुल्म सहते रहे, खा के कोड़े भी हँसते रहेथा वो 'इश्क़-ए-बिलाल-ए-हबश, मुस्तफ़ा पे फ़िदा हो गया

उन को भेजा था सरकार ने, दोनों 'आलम के मुख़्तार नेहिन्द का बादशाह देख लो, मेरा ख़्वाजा पिया हो गया

फ़ातिमा बी का वो नूर-ए-'ऐन, कर्बला में है मेरा हुसैनउन का सज्दा तो जारी रहा, जिस्म से सर जुदा हो गया

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