नात लिरिक्स

Unke Karam Se Kaam Sara Ho Gaya

उन के करम से काम सारा हो गया

नात ख़्वान: सय्यिद मोइज़ अशरफ़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

उन के करम से काम सारा हो गयासब्ज़ गुंबद का नज़ारा हो गया

कर लिया अल्लाह ने उस को पसंदजो मेरे आक़ा का प्यारा हो गया

नाम-ए-नामी मुस्तफ़ा सल्ले-'अलाबे-सहारों का सहारा हो गया

जिस ने देखा रौज़ा-ए-पुरनूर कोउस को जन्नत का नज़ारा हो गया

चाँद दो टुकड़े हुआ, सूरज फिराउन की उँगली का इशारा हो गया

मोहसिन-ए-'आसी ! यक़ीं है क़ब्र मेंवो कहेंगे तू हमारा हो गया

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