नात लिरिक्स

Toote Hue Dilon Ka Sahara Hussain Hai

टूटे हुए दिलों का सहारा हुसैन है

शायर: राज़ इलाहाबादीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

टूटे हुए दिलों का सहारा हुसैन हैडूबे न जो फ़लक पे वो तारा हुसैन है

अहल-ए-ख़िरद समझ न सके क्या हुसैन हैनाना के जिस्म-ए-पाक का साया हुसैन है

ईमान और कुफ़्र में निस्बत नहीं कोईदुनिया है रात और सवेरा हुसैन है

हो कर शहीद ज़िंदगी-ए-जावेदाँ मिलीज़िंदा था और आज भी ज़िंदा हुसैन है

जन्नत का फूल सय्यिद-ए-कौनैन के लिएऔर फ़ातिमा की आँख का तारा हुसैन है

ये भी तुम्हें ख़याल न आया, यज़ीदियो !सरकार-ए-दो-जहाँ का नवासा हुसैन है

बज़्म-ए-रसूल-ए-पाक में देखा है राज़ नेसरकार हैं चराग़, उजाला हुसैन है

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।