नात लिरिक्स

Tere Bin Ya Nabi Mera Koi Sahara Nahin Hai

तेरे बिन या नबी मेरा कोई सहारा नहीं है

नात ख़्वान: Hafiz Ghulam Mustafa Qadriशायर: अल-हाज रफ़ीक़ ज़ियाउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

नहीं है कोई दुनिया में हमारा, या रसूलल्लाह !हमें तो आप ही का है सहारा, या रसूलल्लाह !

तेरे बिन, या नबी ! मेरा कोई सहारा नहीं हैतेरी रहमत है वो जिस का कोई किनारा नहीं है

तेरे बिन, या नबी ! मेरा कोई सहारा नहीं है

मिट जाएँगे हम तो मर जाएँगेमगर ग़ैर के दर न हम जाएँगेतेरा दर छोड़ दें ये कभी भी गवारा नहीं है

तेरे बिन, या नबी ! मेरा कोई सहारा नहीं है

जाएँ कहाँ ग़म के मारे हुएन हासिल कहीं से सहारे हुएमा-सिवा आप के और कोई हमारा नहीं है

तेरे बिन, या नबी ! मेरा कोई सहारा नहीं है

नज़र-ए-करम, या नबी ! हम पे होऐ प्यारे नबी ! सदक़ा ज़हरा का दोइस से बढ़ कर कोई और मेरा वसीला नहीं है

तेरे बिन, या नबी ! मेरा कोई सहारा नहीं है

मैं हुँ गदा, आप हैं बादशाहमुझ को निगाहों में रखना सदाआप का ही रहूँ और कोई तमन्ना नहीं है

तेरे बिन, या नबी ! मेरा कोई सहारा नहीं है

दामन तेरा थाम लेते हैं जोतेरे नाम पे मर के जीते हैं जोजो तेरे हो गए उन का कोई ख़सारा नहीं है

तेरे बिन, या नबी ! मेरा कोई सहारा नहीं है

हसनैन का दे दो सदक़ा, शहा !यही इल्तिजा कर रहा है ज़ियाभर दो दामन मेरा, आप के बिन गुज़ारा नहीं है

तेरे बिन, या नबी ! मेरा कोई सहारा नहीं है

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