नात लिरिक्स

Tajalliyon Ki Kehkashan, Husain Hai Husain Hai

तजल्लियों की केहकशां, हुसैन है हुसैन है

उपलब्ध: हिंदी

या हुसैन अस्सलाम, या हुसैन अस्सलामया हुसैन अस्सलाम, या हुसैन अस्सलाम

तजल्लियों की केहकशां, हुसैन है हुसैन हैइमामे-जुमला-आशिकां, हुसैन है हुसैन है

या हुसैन अस्सलाम, या हुसैन अस्सलाम

जहान में सखाओं का, वफ़ाओं का, अताओं काहै कौन बेहरे-बेकरां ? हुसैन है हुसैन है

या हुसैन अस्सलाम, या हुसैन अस्सलाम

शहादतों की ख़ूने-दिल से करबला की रेत परलिखी है जिस ने दास्तां, हुसैन है हुसैन है

या हुसैन अस्सलाम, या हुसैन अस्सलाम

ये सर सिना पे पड़ रहा है आयतें जो बरमलाजो सूए शाम है रवां, हुसैन है हुसैन है

या हुसैन अस्सलाम, या हुसैन अस्सलाम

मैं कैसे नाज़िश उनका नाम लूं न उठते बैठतेमेरा भरम यहां-वहां, हुसैन है हुसैन है

या हुसैन अस्सलाम, या हुसैन अस्सलामया हुसैन अस्सलाम, या हुसैन अस्सलाम

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