ताजदारे-ह़रम ऐ शहन्शाहे-दींतुम पे हर दम करोड़ों दुरूदो-सलामहो करम मुझ पे या सय्यिदुल मुरसलींतुम पे हर दम करोड़ों दुरूदो-सलाम
दूर रह कर न दम टूट जाए कहींकाश ! त़यबा में ऐ मेरे माहे-मुबींदफ़्न होने को मिल जाए दो गज़ ज़मींतुम पे हर दम करोड़ों दुरूदो-सलाम
हो करम मुझ पे या सय्यिदुल मुरसलींतुम पे हर दम करोड़ों दुरूदो-सलाम
कोई हुस्ने-अ़मल पास मेरे नहींफंस न जाऊं क़ियामत में मौला कहींऐ शफ़ी-ए-उमम लाज रखना तुम्हींतुम पे हर दम करोड़ों दुरूदो-सलाम
हो करम मुझ पे या सय्यिदुल मुरसलींतुम पे हर दम करोड़ों दुरूदो-सलाम
मौत के वक़्त कर दो निग़ाहे-करमकाश इस शान से ये निकल जाए दमसंगे दर पर तुम्हारे हो मेरी ज़बींतुम पे हर दम करोड़ों दुरूदो-सलाम
हो करम मुझ पे या सय्यिदुल मुरसलींतुम पे हर दम करोड़ों दुरूदो-सलाम
अब मदीने में हम को बुला लीजियेऔर सीना मदीना बना दीजियेअज़ पए ग़ौसे-आज़म इमामे-मुबींतुम पे हर दम करोड़ों दुरूदो-सलाम
हो करम मुझ पे या सय्यिदुल मुरसलींतुम पे हर दम करोड़ों दुरूदो-सलाम
इश्क़ से तेरे मा'मूर सीना रहेलब पे हर दम मदीना-मदीना रहेबस मैं दीवाना बन जाऊं सुल्ताने-दींतुम पे हर दम करोड़ों दुरूदो-सलाम
हो करम मुझ पे या सय्यिदुल मुरसलींतुम पे हर दम करोड़ों दुरूदो-सलाम
अब बुलालो मदीने में अत्तार कोअपने क़दमों में रख लो गुनहगार कोकोई इस के सिवा आरज़ू ही नहींतुम पे हर दम करोड़ों दुरूदो-सलाम
हो करम मुझ पे या सय्यिदुल मुरसलींतुम पे हर दम करोड़ों दुरूदो-सलाम
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