नात लिरिक्स

Suno Ai Chand Ki Kirnon Salam Keh Dena | Suno Ae Chand Ki Kirnon Salam Keh Dena

सुनो ऐ चाँद की किरनों सलाम कह देना

नात ख़्वान: सय्यिद शाह महताब और सज्जाद क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

सुनो, ऐ चाँद की किरनों ! सलाम कह देनादर-ए-हबीब पे मेरा पयाम कह देना

ये कहना नेकी नहीं कोई, शर्मसार हैं हमये जा के कहना सियाह-कार हैं, बद-कार हैं हमये कहना आप की रहमत के तलबगार हैं हमअदब से जा के ये मेरा पयाम कह देना

सुनो, ऐ चाँद की किरनों ! सलाम कह देनादर-ए-हबीब पे मेरा पयाम कह देना

उवैस-ए-करनी-ओ-हज़रत-बिलाल के सदक़ेबुला लें आप मदीने में आल के सदक़ेशहीद-ए-कर्बला मा'सूम ला'ल के सदक़े'अता हमें भी हो कौसर का जाम कह देना

सुनो, ऐ चाँद की किरनों ! सलाम कह देनादर-ए-हबीब पे मेरा पयाम कह देना

मु'ईन-ओ-ग़ौस के सदक़े, निज़ाम के सदक़ेफ़रीद बाबा के, दाता के नाम के सदक़ेकलाम-ए-पाक के सच्चे कलाम के सदक़ेपिला दें हम को भी वहदत का जाम कह देना

सुनो, ऐ चाँद की किरनों ! सलाम कह देनादर-ए-हबीब पे मेरा पयाम कह देना

उम्मती आप के हैं मुफ़्लिस-ओ-लाचार बहुतबुला लें आप मदीने, हैं बे-क़रार बहुतमैं मानता हूँ कि हम सब हैं गुनहगार बहुतबना दें बिगड़ा हर इक मेरा काम कह देना

सुनो, ऐ चाँद की किरनों ! सलाम कह देनादर-ए-हबीब पे मेरा पयाम कह देना

चाँद-सूरज में, सितारों में नूर आप का हैज़मीं ता-'अर्श-ए-मु'अल्ला ज़ुहूर आप का हैफ़ख़्र-ए-'आलम को है 'आलम हुज़ूर आप का हैमदीने में हो मेरी सुब्ह-ओ-शाम कह देना

सुनो, ऐ चाँद की किरनों ! सलाम कह देनादर-ए-हबीब पे मेरा पयाम कह देना

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