नात लिरिक्स

Sukoon-e-Dil-o-Jaan Madina Madina

सुकून-ए-दिल-ओ-जाँ मदीना मदीना

नात ख़्वान: जवेरिआ सलीमशायर: आबिद रशीदउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

अपनी आँखों से मदीने का समाँ देखते हैंकितने ख़ुश-बख़्त हैं जो उन का जहाँ देखते हैंमुझ को मा'लूम है इक दिन वो बुलाएँगे ज़रूरआ'ला अदना मेरे आक़ा जी कहाँ देखते हैं

सुकून-ए-दिल-ओ-जाँ मदीना मदीनादुखी दिल का दरमाँ मदीना मदीना

तू क़ुर्बां हुआ सरवर-ए-दो-जहाँ परसो मैं तेरे क़ुर्बां मदीना मदीना

मक़ाम-ए-नुमूद-ओ-नुमाइश नहीं येहै ये, क़ल्ब-ए-नादाँ ! मदीना मदीना

क़दम बा-अदब और आवाज़ धीमीहों जब पेश मिज़्गाँ मदीना मदीना

चमकता दमकता ख़ला से नज़ाराफ़रोज़ाँ दरख़्शाँ मदीना मदीना

जो का'बे को जाए, मदीने भी आएनबी का है फ़रमाँ मदीना मदीना

वतन से भी बढ़ कर वतन कोई, 'आबिद !तो कह दूँगा हाँ हाँ मदीना मदीना

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