नात लिरिक्स

Sheri Ke Waste Tu Bedar Ho Raha Hai | Bande Khuda Ko Tujh Se Bhi Pyar Ho Raha Hai

सहरी के वास्ते तू बेदार हो रहा है | बंदे ख़ुदा को तुझ से भी प्यार हो रहा है

शायर: आसिम बशीर ओवैसीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

सहरी के वास्ते तू बेदार हो रहा हैबंदे ! ख़ुदा को तुझ से भी प्यार हो रहा है

रोज़ा भी है, ज़बाँ पर ज़िक्र-ए-ख़ुदा भी जारीतौहीद का भी दिल में इक़रार हो रहा है

याद-ए-ख़ुदा से दिल पर छाया सुरूर ऐसासज्दों में बंदगी का इज़्हार हो रहा है

ज़िक्र-ए-ख़ुदा से तू ने दिल का सुकून पायाअब दूर तेरे दिल से आज़ार हो रहा है

सहरी के वास्ते तू बेदार हो रहा हैबंदे ! ख़ुदा को तुझ से भी प्यार हो रहा है

क़ुरआन की तिलावत दिल में बहार लाईज़ुल्मत-कदा भी तेरा गुलज़ार हो रहा है

सब्र-ओ-शुकर से तू ने रोज़े का दिन गुज़ारानादिम गुनाहों से दिल बेज़ार हो रहा है

तौबा जो तू ने की है इक बार दिल से अपनेसाबित-क़दम भी तेरा किरदार हो रहा है

सहरी के वास्ते तू बेदार हो रहा हैबंदे ! ख़ुदा को तुझ से भी प्यार हो रहा है

भेजा फ़रिश्तों ने भी तुझ पर सलाम अपनाहूर-ओ-मलक में भी तू दिलदार हो रहा है

ये रास्ता नबी का रब ने हमें दिखायाबेड़ा करम से उस के ही पार हो रहा है

अपनी नज़र को जिस ने है ग़ैर से बचायाईमान उस के दिल में बेदार हो रहा है

सहरी के वास्ते तू बेदार हो रहा हैबंदे ! ख़ुदा को तुझ से भी प्यार हो रहा है

कैसी हसीन-ओ-दिलकश क़ुदरत ख़ुदा की देखोलगता है जैसे उस का दीदार हो रहा है

शैतान भी है बेबस फ़ज़्ल-ए-ख़ुदा के आगेहर वार उस का अब तो बेकार हो रहा है

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