नात लिरिक्स

Shah-e-Laulaak Ka Sadqa, Mera Markaz Bareli Hai

शह-ए-लौलाक का सदक़ा, मेरा मर्कज़ बरेली है

नात ख़्वान: क़ारी तय्यब रज़ा अत्तारीशायर: हाफ़िज़ तफ़्सीर रज़ा अमजदीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

क़ाइद-ए-मोहतरम, है वो फ़ैज़-ए-क़दीरमेरा अहमद रज़ा, ला-जवाब, बे-नज़ीर

राहत-ए-जान है, रूह की ताज़गीजानिब-ए-तयबा की तो रज़ा है लकीर

झूम कर कह उठा, उन का हर इक गदाआ'ला हज़रत मेरा रहनुमा, मेरा पीर

शह-ए-लौलाक का सदक़ा, मेरा मर्कज़ बरेली हैयक़ीनन फ़ज़्ल है रब का, मेरा मर्कज़ बरेली है

जहाँ में वो भटक सकता नहीं राह-ए-हिदायत सेलगाया जिस ने भी ना'रा, मेरा मर्कज़ बरेली है

शह-ए-लौलाक का सदक़ा, मेरा मर्कज़ बरेली हैयक़ीनन फ़ज़्ल है रब का, मेरा मर्कज़ बरेली है

भला मुन्किर से मैं क्यूँ ख़ौफ़ खाऊँगा ज़माने मेंहै जब दिल में मेरे लिखा, मेरा मर्कज़ बरेली है

मेरा ईमान पैसों से ख़रीदा जा नहीं सकतामेरा ईमान है पक्का, मेरा मर्कज़ बरेली है

शह-ए-लौलाक का सदक़ा, मेरा मर्कज़ बरेली हैयक़ीनन फ़ज़्ल है रब का, मेरा मर्कज़ बरेली है

क़ाइद-ए-मोहतरम है वो फ़ैज़-ए-क़दीरमेरा अहमद रज़ा, ला-जवाब, बे-नज़ीर

राहत-ए-जान है, रूह की ताज़गीजानिब-ए-तयबा की तो रज़ा है लकीर

झूम कर कह उठा, उन का हर इक गदाआ'ला हज़रत मेरा रहनुमा, मेरा पीर

मुनाफ़िक़ सामने गर हो तो उस के सामने भी मैंसुनाऊँगा यही नग़्मा, मेरा मर्कज़ बरेली है

मिला है आ'ला हज़रत का लक़ब जिस को, उसी के सरमुजद्दिद का सजा सेहरा, मेरा मर्कज़ बरेली है

शह-ए-लौलाक का सदक़ा, मेरा मर्कज़ बरेली हैयक़ीनन फ़ज़्ल है रब का, मेरा मर्कज़ बरेली है

मदीने का पता हम को मिला जिस से, जहाँ वालो !बरेली का है वो आक़ा, मेरा मर्कज़ बरेली है

लहद का ख़ौफ़ फिर कैसा अगर उस दम कहा तुम नेए तफ़्सीर-ए-हज़ीं ! इतना, मेरा मर्कज़ बरेली है

शह-ए-लौलाक का सदक़ा, मेरा मर्कज़ बरेली हैयक़ीनन फ़ज़्ल है रब का, मेरा मर्कज़ बरेली है

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