नात लिरिक्स

Sarwara Shaha Karima Dastagira Ashrafa | Ashrafi Tarana

सरवरा शाहा करीमा दस्तगीरा अशरफ़ा | अशरफ़ी तराना

नात ख़्वान: परवेज़ आ'लम अशरफ़ीशायर: सय्यिद मुहम्मद अशरफ़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

सरवरा शाहा करीमा दस्तगीरा अशरफ़ाहुर्मत-ए-रूह-ए-पयम्बर यक नज़र कुन सू-ए-मा

सरवरा शाहा करीमा दस्तगीरा अशरफ़ासरवरा शाहा करीमा दस्तगीरा अशरफ़ा

ऐ शह-ए-सिमनान-ओ-ग़ौस-ए-'आलम-ओ-पीर-ए-हुदासाहिब-ए-फ़ज़्ल-ओ-'अता सर-चश्मा-ए-जूद-ओ-सख़ातेरे दर पर तेरा मँगता दस्त-बस्ता है खड़ालाज रख ले, मेरे दाता ! मेरे ख़ाली हाथ का

सरवरा शाहा करीमा दस्तगीरा अशरफ़ासरवरा शाहा करीमा दस्तगीरा अशरफ़ा

शहरयार-ए-औलिया ऐ साहिब-ए-'इज़्ज़-ओ-वक़ारऐ गुल-ए-बाग़-ए-विलायत दोनों 'आलम की बहारहूँ ख़िज़ान-ए-ग़म के हाथों आज-कल ज़ार-ओ-नज़ारतेरी चौखट पर खड़ा हूँ हाथ बांधे अश्क- बार

सरवरा शाहा करीमा दस्तगीरा अशरफ़ासरवरा शाहा करीमा दस्तगीरा अशरफ़ा

इक तरीक़े पर नहीं रहता कभी दुनिया का हालहर कमाल-ए-रा ज़वाल-ओ-हर ज़वाल-ए-रा कमालकट गईं फ़ुर्क़त की रातें अब तो हो रोज़-ए-विसालहाँ, निकल ऐ आफ़ताब-ए-हुस्न ऐ मेहर-ए-जमाल

सरवरा शाहा करीमा दस्तगीरा अशरफ़ासरवरा शाहा करीमा दस्तगीरा अशरफ़ा

आ गए हैं अब 'अदावत पर बहुत अहल-ए-ज़मनएक मैं हूँ ना-तवाँ और लाख हैं रंज-ओ-मेहनसय्यिद-ए-मोहताज की सुन ले बरा-ए-पंजतनबोल बाला हो तेरा, आबाद तेरी अंजुमन

सरवरा शाहा करीमा दस्तगीरा अशरफ़ासरवरा शाहा करीमा दस्तगीरा अशरफ़ा

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