नात लिरिक्स

Sarkar Ka Darbar Nahi Dekh Rahe Kya

सरकार का दरबार नहीं देख रहे क्या

नात ख़्वान: वक़ार उमर डंगराजशायर: यूनुस तहसीनउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

सरकार का दरबार नहीं देख रहे क्या ?दरबार में दो यार नहीं देख रहे क्या ?

तुम दुनिया के मे'यार तो सब देख रहे होअल्लाह का मे'यार नहीं देख रहे क्या ?

कहते हो कि क़ुरआन में बू-बक्र कहाँ है ?तुम आयत-ए-फ़िल-ग़ार नहीं देख रहे क्या ?

दूल्हा बने आए हैं अबू-बक्र के घर मेंकौनैन के सरदार नहीं देख रहे क्या ?

सिद्दीक़ इमामत पे है और मुक़्तदियों मेंतुम हैदर-ए-कर्रार नहीं देख रहे क्या ?

हर घर नहीं अल्लाह का घर होता, मेरे दोस्त !तुम मस्जिद-ए-ज़र्रार नहीं देख रहे क्या ?

तहसीन ! अभी हक़ के तरफ़-दार बहुत हैंये मजमा'-ए-बेदार नहीं देख रहे क्या ?

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