नात लिरिक्स

Sarkar-e-Ghaus-e-Azam Bigdi Meri Banao | Baghdad Wale Shaha Baghdad Ab Bulao

सरकार-ए-ग़ौस-ए-आज़म बिगड़ी मेरी बनाओ | बग़दाद वाले शाहा बग़दाद अब बुलाओ

नात ख़्वान: सय्यिद ग़ुलाम मोहयुद्दीन क़ादरीशायर: इस्माईल क़दीर क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ग़ौस-ए-आ'ज़म जीलाँ ! ग़ौस-ए-आ'ज़म जीलाँ !ग़ौस-ए-आ'ज़म !ग़ौस-ए-आ'ज़म जीलाँ ! ग़ौस-ए-आ'ज़म जीलाँ !ग़ौस-ए-आ'ज़म !

मीराँ ! मीराँ !

बड़ी उम्मीद है ग़ौस-ए-आ'ज़म क़दमों में बुलाएँगेकरम की इक नज़र होगी बग़दाद हम भी जाएँगे

सरकार-ए-ग़ौस-ए-आ'ज़म ! बिगड़ी मेरी बनाओबग़दाद वाले शाहा ! बग़दाद अब बुलाओ

सरकार-ए-ग़ौस-ए-आ'ज़म ! बिगड़ी मेरी बनाओ

आँखें तरस रही हैं, छम छम बरस रही हैंग़ुर्बत में दिल की ख़्वाहिश कब से झुलस रही हैपर्दा हटा के, मीराँ ! मुखड़ा मुझे दिखाओसरकार-ए-ग़ौस-ए-आ'ज़म ! बिगड़ी मेरी बनाओ

दुनिया से मैं हूँ हारा, रंज-ओ-अलम का मारादर दर भटक रहा हूँ, कोई नहीं सहारादस्त-ए-करम बढ़ा कर मुझ 'आसी को निभाओसरकार-ए-ग़ौस-ए-आ'ज़म ! बिगड़ी मेरी बनाओ

बर्बाद हो न जाए दुनिया में मेरी हस्तीउजड़ी हुई है कब से ये क़ल्ब-ओ-जाँ की बस्तीआँखों की रह से आ कर दिल में मेरे समाओसरकार-ए-ग़ौस-ए-आ'ज़म ! बिगड़ी मेरी बनाओ

सरकार के करम से भर दो मेरा भी बस्ताआवाज़ दे रहा है तुम को क़दीर-ए-ख़स्ताहसनैन के तसद्दुक़ चश्म-ए-करम उठाओसरकार-ए-ग़ौस-ए-आ'ज़म ! बिगड़ी मेरी बनाओ

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