नात लिरिक्स

Sarbaz Hun Sarbaz Hun Sarbaz Hussaini | Jhuk Jaun Jhuk Jaun Ye Kaise Mumkin

सर-बाज़ हूँ सर-बाज़ हूँ सर-बाज़ हुसैनी | झुक जाऊँ झुक जाऊँ ये कैसे मुमकिन

शायर: मुहम्मद जफ़र ज़ैदीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

सर-बाज़ हूँ, सर-बाज़ हूँ, सर-बाज़ हुसैनीसर-बाज़ हूँ, सर-बाज़ हूँ, सर-बाज़ हुसैनीकाँपता है मुझ से ज़ालिम'अज़्म मेरा मिस्ल-ए-क़ासिमसर-बाज़ हुसैनी, सर-बाज़ हुसैनीसर-बाज़ हुसैनी, सर-बाज़ हुसैनी

झुक जाऊँ, झुक जाऊँ ये कैसे मुमकिनज़ालिम को मैं मानूँ क्यूँ अपना मोहसिनकमज़ोरों का साथी हूँमज़्लूमों का हामी हूँज़ालिम पर इक बिजली हूँज़ालिम पर इक बिजली हूँ

सर-बाज़ हूँ, सर-बाज़ हूँ, सर-बाज़ हुसैनीसर-बाज़ हूँ, सर-बाज़ हूँ, सर-बाज़ हुसैनीकाँपता है मुझ से ज़ालिम'अज़्म मेरा मिस्ल-ए-क़ासिमसर-बाज़ हुसैनी, सर-बाज़ हुसैनीसर-बाज़ हुसैनी, सर-बाज़ हुसैनी

मिट जाऊँ, मिट जाऊँ मुझ को नहीं पर्वारह जाए, रह जाए हक़ का बस चर्चाकाटूँगा हर एक रसनबाँधे हूँ मैं सर पे कफ़नमुझ से हो दुश्मन को घुटनमुझ से हो दुश्मन को घुटन

सर-बाज़ हूँ, सर-बाज़ हूँ, सर-बाज़ हुसैनीसर-बाज़ हूँ, सर-बाज़ हूँ, सर-बाज़ हुसैनीकाँपता है मुझ से ज़ालिम'अज़्म मेरा मिस्ल-ए-क़ासिमसर-बाज़ हुसैनी, सर-बाज़ हुसैनीसर-बाज़ हुसैनी, सर-बाज़ हुसैनी

बढ़ना है, बढ़ना है 'इल्म के मैदाँ मेंबदलेंगे सहरा को बाग़-ओ-गुलिस्ताँ में'इल्म-ओ-हुनर ऐसा आएदुश्मन हम से डर जाएनफ़रत सारी मिट जाएनफ़रत सारी मिट जाए

सर-बाज़ हूँ, सर-बाज़ हूँ, सर-बाज़ हुसैनीसर-बाज़ हूँ, सर-बाज़ हूँ, सर-बाज़ हुसैनीकाँपता है मुझ से ज़ालिम'अज़्म मेरा मिस्ल-ए-क़ासिमसर-बाज़ हुसैनी, सर-बाज़ हुसैनीसर-बाज़ हुसैनी, सर-बाज़ हुसैनी

फ़ैलाऊँ, फ़ैलाऊँ प्यार की मैं ख़ुश्बू'आलम में छा जाए अम्न-ओ-अमाँ हर-सूयक-जेहती हो, उल्फ़त होहर इंसाँ की ख़िदमत होदुनिया मिस्ल-ए-जन्नत होदुनिया मिस्ल-ए-जन्नत हो

सर-बाज़ हूँ, सर-बाज़ हूँ, सर-बाज़ हुसैनीसर-बाज़ हूँ, सर-बाज़ हूँ, सर-बाज़ हुसैनीकाँपता है मुझ से ज़ालिम'अज़्म मेरा मिस्ल-ए-क़ासिमसर-बाज़ हुसैनी, सर-बाज़ हुसैनीसर-बाज़ हुसैनी, सर-बाज़ हुसैनी

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