नात लिरिक्स

Saj Gaya Is Liye Aaj Arsh-e-Khuda | Aaj Zahra Ke Baba Ki Meraj Hai

सज गया इस लिए आज अर्श-ए-ख़ुदा | आज ज़हरा के बाबा की मेराज है

नात ख़्वान: उमैर ज़ुबैरशायर: सुहैल कलीम फ़ारूक़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मे'राज को वो सय्यिद-ए-अबरार चले हैंग़म ले के गुनाहगार का ग़म-ख़्वार चले हैंये रात है, फ़ारूक़ी ! बढ़ी रहमतों वालीअल्लाह से मुलाक़ात को सरकार चले हैं

सज गया इस लिए आज 'अर्श-ए-ख़ुदाआज ज़हरा के बाबा की मे'राज हैक़ुदसियों की ज़ुबाँ पर है सल्ले-'अलाआज ज़हरा के बाबा की मे'राज है

सज गया इस लिए आज 'अर्श-ए-ख़ुदा

ये ज़मीं सज गई, आसमाँ सज गया'अर्श-ए-हक़ सज गया, ला-मकाँ सज गयाहै 'अजब रंग पर जन्नतों की फ़ज़ाआज ज़हरा के बाबा की मे'राज है

सज गया इस लिए आज 'अर्श-ए-ख़ुदा

आज क्यूँ आसमानों के रंग और हैंआज क्यूँ दो जहानों के रंग और हैंबोली हूरें तो जिब्रील ने ये कहाआज ज़हरा के बाबा की मे'राज है

सज गया इस लिए आज 'अर्श-ए-ख़ुदा

आसमाँ के हैं सारे मकीं मुंतज़िरआज की शब है 'अर्श-ए-बरीं मुंतज़िरमुंतज़िर आज है सिदरतुल-मुंतहाआज ज़हरा के बाबा की मे'राज है

सज गया इस लिए आज 'अर्श-ए-ख़ुदा

आप सब की सिफ़ारिश करेंगे ज़रूरसब को बख़्शेगा, फ़ारूक़ी ! रब्ब-ए-ग़फ़ूरआज छाएगी हर-सू करम की घटाआज ज़हरा के बाबा की मे'राज है

सज गया इस लिए आज 'अर्श-ए-ख़ुदा

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