नात लिरिक्स

Jis Ke Ghar Ka Hai Saara Zamaana Ghulaam, Us Husain Ibn-e-Haidar Pe Laakhon Salaam

जिस के घर का है सारा ज़माना ग़ुलाम, उस हुसैन इब्न-ए-हैदर पे लाखों सलाम

नात ख़्वान: उमैर ज़ुबैर क़ादरीशायर: सुहैल कलीम फ़ारूक़ीउपलब्ध: हिंदी

जिस के घर का है सारा ज़माना ग़ुलामउस हुसैन इब्न-ए-हैदर पे लाखों सलामसोच की हद से आगे है जिस का मक़ामउस हुसैन इब्न-ए-हैदर पे लाखों सलाम

जिस के घर का है सारा ज़माना ग़ुलामउस हुसैन इब्न-ए-हैदर पे लाखों सलाम

जिस का नाना रसूलों का सुल्तान हैजिस का बाबा 'अली कुल्ल-ए-ईमान हैसारी फ़िरदौस है जिस के बच्चों के नामउस हुसैन इब्न-ए-हैदर पे लाखों सलाम

जिस के घर का है सारा ज़माना ग़ुलामउस हुसैन इब्न-ए-हैदर पे लाखों सलाम

ज़िक्र जिस का मुक़द्दस बहारों में हैनूर जिस की नज़र का सितारों में हैचाँद करता है जिस की गली में क़यामउस हुसैन इब्न-ए-हैदर पे लाखों सलाम

जिस के घर का है सारा ज़माना ग़ुलामउस हुसैन इब्न-ए-हैदर पे लाखों सलाम

जिस के दुख में है शामिल ज़मीन-ओ-ज़माँयाद में जिस की रोता है सारा जहाँज़िक्र करते हैं जिस का गदा सुब्ह-ओ-शामउस हुसैन इब्न-ए-हैदर पे लाखों सलाम

जिस के घर का है सारा ज़माना ग़ुलामउस हुसैन इब्न-ए-हैदर पे लाखों सलाम

जो शहीदों का सय्यद है, सरदार हैक़ाफ़िला-ए-शुजा'अत का सालार हैजो है, फ़ारूक़ी ! सब मोमिनों का इमामउस हुसैन इब्न-ए-हैदर पे लाखों सलाम

जिस के घर का है सारा ज़माना ग़ुलामउस हुसैन इब्न-ए-हैदर पे लाखों सलाम

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