नात लिरिक्स

Rehmat Baras Rahi Hai Muhammad Ke Shahar Mein

रहमत बरस रही है मुहम्मद के शहर में

नात ख़्वान: Syed Fasihuddin Soharwardiशायर: रियाज़ुद्दीन सोहरवर्दीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

रहमत बरस रही है मुहम्मद के शहर मेंहर शय में ताज़गी है मुहम्मद के शहर में

दौलत सुकूँ की हर जगह हम ढूँडते रहेआख़िर ये मिल गई है मुहम्मद के शहर में

ऐसा लगा कि सामने ख़ुद आ गए हुज़ूरइक ना'त जब पढ़ी है मुहम्मद के शहर में

हर एक भर रहा है यहाँ दामन-ए-मुरादमख़्लूक़ आ रही है मुहम्मद के शहर में

रुख़ हर बशर है सू-ए-मदीना किए हुएदुनिया समा गई है मुहम्मद के शहर में

आते हैं बख़्शवाने गुनाहों को गुनाहगारक़िस्मत बदल रही है मुहम्मद के शहर में

रौशन हैं जिस के नूर से दोनों जहाँ, रियाज़ !ऐसी शमा' जली है मुहम्मद के शहर में

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