नात लिरिक्स

Ramzan Se Qarar Hai

रमज़ान से क़रार है

नात ख़्वान: Muhammad Ashfaq Attari Madaniशायर: मुहम्मद अश्फ़ाक़ अत्तारी मदनीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

रमज़ान से क़रार है, रमज़ान से क़रार हैरमज़ान से क़रार है, रमज़ान से क़रार है

हर लहज़ा पुर-बहार है, रमज़ान से क़रार है

रमज़ान से क़रार है, रमज़ान से क़रार हैरमज़ान से क़रार है, रमज़ान से क़रार है

बेचैन सीना, मुंतज़िर आँखें, तपाक दिलहर 'उज़्व बे-क़रार है, रमज़ान से क़रार है

रमज़ान से क़रार है, रमज़ान से क़रार हैरमज़ान से क़रार है, रमज़ान से क़रार है

आँखें तरस रही हैं ज़ियारत को, ऐ 'अज़ीज़ !हस्ती में इंतिज़ार है, रमज़ान से क़रार है

रमज़ान से क़रार है, रमज़ान से क़रार हैरमज़ान से क़रार है, रमज़ान से क़रार है

इस तीरा-शब को दे कोई फ़रहत नवीद कीलो आ गई नहार है, रमज़ान से क़रार है

रमज़ान से क़रार है, रमज़ान से क़रार हैरमज़ान से क़रार है, रमज़ान से क़रार है

ग़मगीन दिल को मिल गई ख़ुशख़बरी चाँद कीबेचैनी अब फ़रार है, रमज़ान से क़रार है

रमज़ान से क़रार है, रमज़ान से क़रार हैरमज़ान से क़रार है, रमज़ान से क़रार है

हर हर घड़ी मुसर्रत-ओ-रहमत की है घड़ीकैसा 'अजब वक़ार है, रमज़ान से क़रार है

रमज़ान से क़रार है, रमज़ान से क़रार हैरमज़ान से क़रार है, रमज़ान से क़रार है

फ़ानी की हसरतें सभी अब पूरी हो गईंजज़्बों में इंकिसार है, रमज़ान से क़रार है

रमज़ान से क़रार है, रमज़ान से क़रार हैरमज़ान से क़रार है, रमज़ान से क़रार है

हर लहज़ा पुर-बहार है, रमज़ान से क़रार है

रमज़ान से क़रार है, रमज़ान से क़रार हैरमज़ान से क़रार है, रमज़ान से क़रार है

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