नात लिरिक्स

Raat Din Aur Subh-o-Shaam Tum Pe Karodon Salam

रात दिन और सुब्ह-ओ-शाम तुम पे करोड़ों सलाम

नात ख़्वान: फ़ारूक़ रज़ा बरकाती देहलवीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

रात दिन और सुब्ह-ओ-शाम, तुम पे करोड़ों सलामया हुसैन 'आली-मक़ाम ! तुम पे करोड़ों सलाम

पा-ए-'आबिद चूम कर, बेड़ी बोली झूम करमैं न डालूँगी निशान, तुम पे करोड़ों सलाम

बाप है शेर-ए-ख़ुदा, नाना है ख़ैर-उल-वरातुम हो जन्नत के मेहमान, तुम पे करोड़ों सलाम

सूखा गला शीर का, ज़ख़्म खाया तीर कानन्हें असग़र भी क़ुर्बान, तुम पे करोड़ों सलाम

असग़र को भी दे दिया, अकबर को भी दे दियानाना की उम्मत के नाम, तुम पे करोड़ों सलाम

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