हम महफ़िल-ए-नबी सजाने वाले हैंनबी पे ये जान लुटाने वाले हैं
ना'रा नबी का हम मिल के लगाएँगेए दुश्मन-ए-नबी ! तुझ को जलाएँगे
प्यार है हम को नबी से, हम नबी वालेप्यार है हम को नबी से, हम नबी वाले
वो हबीब-ए-किब्रिया हैं, अहमद-ए-मुख़्तार हैंरब के जितने अम्बिया हैं सब के वो सरदार हैं
बा'द-अज़-ख़ुदा वो ही सब से है मोअ'तबरभीक उन्हीं के दर से सब पाने वाले हैं
प्यार है हम को नबी से, हम नबी वालेप्यार है हम को नबी से, हम नबी वाले
ज़िक्र ऊँचा जिस का ख़ुद करता है रब्बुल-आ'लमीनक्या दबाएगा कोई ये ज़िक्र-ए-शाह-ए-मुर्सलीन
जो जलने वाले हैं नबी के ज़िक्र सेहम उन को और भी जलाने वाले हैं
प्यार है हम को नबी से, हम नबी वालेप्यार है हम को नबी से, हम नबी वाले
वो नबी जिन के लिए रब ने बनाए दो-जहाँजिन का सदक़ा है ये दुनिया, जिन का सदक़ा है जिनाँ
आदम से ईसा तक आए हैं जो नबीसब मुस्तफ़ा का ही बताने वाले हैं
प्यार है हम को नबी से, हम नबी वालेप्यार है हम को नबी से, हम नबी वाले
सब से बढ़ कर दो-जहाँ में मुस्तफ़ा की शान हैहो कहीं भी, हर मुसलमां उस का ये ईमान है
बे-ईमाँ हैं वो सब, जो इस में करते हैं शकहम उन की ये हक़ीक़त बताने वाले हैं
प्यार है हम को नबी से, हम नबी वालेप्यार है हम को नबी से, हम नबी वाले
जो उठाते हैं नबी की शान पर मैली नज़रनार-ए-दोज़ख़ में जलेगा देख लेना वो बशर
बता दो तुम इन्हें, ए अक्स क़ादरी !हम उन को ख़ाक में मिलाने वाले हैं
प्यार है हम को नबी से, हम नबी वालेप्यार है हम को नबी से, हम नबी वाले
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