नात लिरिक्स

Pukaro Shah-e-Jilan Ko Pukaro

पुकारो शाह-ए-जीलाँ को पुकारो

नात ख़्वान: शेर अली और मेहर अलीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

पुकारो, शाह-ए-जीलाँ को पुकारोबदल जाएगी क़िस्मत, बे-सहारो !

ये दर महबूब-ए-सुब्हानी का दर हैभिकारी बन के आओ, ताजदारो !

पुकारो, शाह-ए-जीलाँ को पुकारोबदल जाएगी क़िस्मत, बे-सहारो !

मुरीदी ला-तख़फ़ है उन का फ़रमाँन घबराओ ज़रा भी, ग़म के मारो !

पुकारो, शाह-ए-जीलाँ को पुकारोबदल जाएगी क़िस्मत, बे-सहारो !

तुम्हारी रीत है बेड़े तिरानामोरी नैया भी, मीराँ ! पार उतारो

पुकारो, शाह-ए-जीलाँ को पुकारोबदल जाएगी क़िस्मत, बे-सहारो !

तुम्हें मुश्किल नहीं बिगड़ी बनानाहमारे काज भी, मीराँ ! सँवारो

पुकारो, शाह-ए-जीलाँ को पुकारोबदल जाएगी क़िस्मत, बे-सहारो !

ये ज़र्रे कूचा-ए-बग़दाद के हैंकरो सज्दे यहाँ, ऐ चाँद-तारो !

पुकारो, शाह-ए-जीलाँ को पुकारोबदल जाएगी क़िस्मत, बे-सहारो !

पुकारो हर घड़ी या ग़ौस-ए-आ'ज़ममिलेगा चैन दिल को, बे-क़रारो !

पुकारो, शाह-ए-जीलाँ को पुकारोबदल जाएगी क़िस्मत, बे-सहारो !

रहे हर-दम ख़याल-ए-ग़ौस-ए-आ'ज़मगुज़ारो ज़िंदगी बस यूँ गुज़ारो

पुकारो, शाह-ए-जीलाँ को पुकारोबदल जाएगी क़िस्मत, बे-सहारो !

करो तुम नाम-ए-मीराँ का वज़ीफ़ाक़रार-ए-ज़िंदगी है, बे-क़रारो !

पुकारो, शाह-ए-जीलाँ को पुकारोबदल जाएगी क़िस्मत, बे-सहारो !

शह-ए-बग़दाद देखो आ रहे हैंमुबारक हो तुम्हें, ऐ बे-सहारो !

पुकारो, शाह-ए-जीलाँ को पुकारोबदल जाएगी क़िस्मत, बे-सहारो !

निछावर कर दो अपने जान-ओ-तन कोजनाब-ए-ग़ौस का सदक़ा उतारो

पुकारो, शाह-ए-जीलाँ को पुकारोबदल जाएगी क़िस्मत, बे-सहारो !

हो सारी रात ज़िक्र-ए-ग़ौस-उल-आ'ज़मदीवानो ! ग्यारहवीं शब यूँ गुज़ारो

पुकारो, शाह-ए-जीलाँ को पुकारोबदल जाएगी क़िस्मत, बे-सहारो !

दर-ए-बग़दाद से मिलता है सब कुछचलो, साजिद ! वहाँ दामन पसारो

पुकारो, शाह-ए-जीलाँ को पुकारोबदल जाएगी क़िस्मत, बे-सहारो !

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