नात लिरिक्स

Piya Ghaus-e-Azam Piya Ghaus-e-Azam

पिया ग़ौस-ए-आज़म पिया ग़ौस-ए-आज़म

नात ख़्वान: निसार अहमद मार्फ़ानीशायर: सय्यिद निज़ाम अशरफ़ अशरफ़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

पिया ग़ौस-ए-आ'ज़म ! पिया ग़ौस-ए-आ'ज़म !है तुम पर निछावर जिया, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

पिया ! पास आ के, सूरतिया दिखा केगए मोरे मन माँ समा, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

पिया ग़ौस-ए-आ'ज़म ! पिया ग़ौस-ए-आ'ज़म !है तुम पर निछावर जिया, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

न रुठियो जी मो से, ई बिनती है तो सेसदा मो पे कीजो दया, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

पिया ग़ौस-ए-आ'ज़म ! पिया ग़ौस-ए-आ'ज़म !है तुम पर निछावर जिया, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

जो पकड़े हैं बैयाँ, निभाना भी सैयाँपड़ूँ तोरे पैयाँ, पिया ग़ौस-ए-आ'ज़म !

पिया ग़ौस-ए-आ'ज़म ! पिया ग़ौस-ए-आ'ज़म !है तुम पर निछावर जिया, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

न बंधन ये टूटे, न साथ अब ये छूटेमोरी लाज रखियो सदा, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

पिया ग़ौस-ए-आ'ज़म ! पिया ग़ौस-ए-आ'ज़म !है तुम पर निछावर जिया, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

है लागी नजरिया जो तो से सँवरियान लागे कहीं अब जिया, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

पिया ग़ौस-ए-आ'ज़म ! पिया ग़ौस-ए-आ'ज़म !है तुम पर निछावर जिया, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

मोरी टूटी नैया के तुम हो खिवैयाचलेगी न तुमरे बिना, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

पिया ग़ौस-ए-आ'ज़म ! पिया ग़ौस-ए-आ'ज़म !है तुम पर निछावर जिया, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

तुम्हारे ही चरनन माँ बीते ई जीवननिज़ामी की है इल्तिजा, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

पिया ग़ौस-ए-आ'ज़म ! पिया ग़ौस-ए-आ'ज़म !है तुम पर निछावर जिया, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

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