नात लिरिक्स

Paate Hain Sukoon Dil Ka Insaan Madine Mein

पाते हैं सुकूँ दिल का इंसान मदीने में

नात ख़्वान: उमैर ज़ुबैरशायर: सुहैल कलीम फ़ारूक़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

पाते हैं सुकूँ दिल का इंसान मदीने मेंआते हैं गदा बन कर सुलतान मदीने में

पाते हैं सुकूँ दिल का इंसान मदीने में

सरकार के क़दमों में मिट जाते हैं दुख सारेहो जाती है हर मुश्किल आसान मदीने में

पाते हैं सुकूँ दिल का इंसान मदीने में

भर जाते हैं रहमत से कश्कोल फ़क़ीरों केहो जाते हैं सब पूरे अरमान मदीने में

पाते हैं सुकूँ दिल का इंसान मदीने में

मुझ को है यक़ीं इक दिन 'उम्रे पे मैं जाऊँगागुज़रेगा मेरा माह-ए-रमज़ान मदीने में

पाते हैं सुकूँ दिल का इंसान मदीने में

दरबार सख़ी का है, जो माँगना है माँगोकरते हैं फ़रिश्ते ये ए'लान मदीने में

पाते हैं सुकूँ दिल का इंसान मदीने में

देखोगे उजाले तुम रातों को भी दिन जैसेहो जाओगे तुम जा कर हैरान मदीने में

पाते हैं सुकूँ दिल का इंसान मदीने में

वापस न कभी आऊँ सरकार की बस्ती सेफ़ारूक़ी ! निकल जाए मेरी जान मदीने में

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