नात लिरिक्स

Nujoom-e-Rushd Mein Misl-e-Qamar Siddiq-e-Akbar Hain

नुजूम-ए-रुश्द में मिस्ल-ए-क़मर सिद्दीक़-ए-अकबर हैं

नात ख़्वान: मौलाना अहमद रज़ा क़ादरीशायर: मौलाना पीरज़ादा यासीनशाह मुस्तफ़ाईउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

दुनिया-ए-सदाक़त में तेरा नाम रहेगासिद्दीक़ ! तेरे नाम से इस्लाम रहेगा

नुजूम-ए-रुश्द में मिस्ल-ए-क़मर सिद्दीक़-ए-अकबर हैंसलातीन-ए-वफ़ा के ताजवर सिद्दीक़-ए-अकबर हैं

उहुद या बद्र-ओ-ख़ँदक़ हो, हज़र हो या सफ़र कोईहबीब-ए-किब्रिया के हम-सफ़र सिद्दीक़-ए-अकबर हैं

नुबुव्वत के सिवा हर इक फ़ज़ीलत के हैं जामे' जोजहान-ए-कुल में ऐसे इक बशर सिद्दीक़-ए-अकबर हैं

सहाबियत का जिन की जो भी मुन्किर है वो काफ़िर हैवो ऐसे साहिब-ए-ख़ैर-उल-बशर सिद्दीक़-ए-अकबर हैं

हैं शामिल चार नस्लें जिन की असहाब-ए-मुहम्मद मेंअकेले वो सहाबी-ओ-बशर सिद्दीक़-ए-अकबर हैं

फ़िदा-ए-बारगाह-ए-हज़रत-ए-सिद्दीक़-ए-अकबर हूँमेरे दिल में जिधर देखो उधर सिद्दीक़-ए-अकबर हैं

तरीक़-ए-हज़रत-ए-सिद्दीक़ से, यासीन ! मत हटनायक़ीनन बाग़-ए-जन्नत की डगर सिद्दीक़-ए-अकबर हैं

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