नात लिरिक्स

Noori Noori Wahan Ka Sama Hai Shehr Aisa Hai Mere Nabi Ka

नूरी नूरी वहाँ का समाँ है शहर ऐसा है मेरे नबी का

नात ख़्वान: शहबाज़ रज़ा नूरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

नूरी नूरी वहाँ का समाँ है, शहर ऐसा है मेरे नबी कानाज़ करता है का'बा भी जिस पर, वो मदीना है मेरे नबी का

कोई भी उन के जैसा नहीं है, ढूँडने से भी मिलता नहीं हैहुस्न-ए-यूसुफ़ भी जिस पर फ़िदा है, ऐसा चेहरा है मेरे नबी का

गुलशन-ए-दीन-ए-हक़ को बचाया, अपने नाना का वा'दा निभायाहक़ की ख़ातिर गला जो कटाया, वो नवासा है मेरे नबी का

लौट कर कोई आया न ख़ाली, भर के दामन को लौटा सवालीजिस जगह है फ़रिश्तों का मेला, आस्ताना है मेरे नबी का

मुस्तफ़ा से मोहब्बत करेगा, जाँ की बाज़ी लगाता रहेगाज़ुल्म से वो भला क्या डरेगा, जो दिवाना है मेरे नबी का

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