नात लिरिक्स

Noor Wale Mustafa Aa Gaye Chha Gaye | Noor Wale Mustafa Aa Gaye Marhaba

नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए छा गए | नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीशायर: सैफ़ क़ादरी इलाहाबादीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ख़ुशियों में सारा जहाँ है, नूरी नूरी ये समाँ हैबच्चा बच्चा झूम उठा है, हर दीवाना कह रहा है

नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा !नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा !

हर गली को क़ुम-क़ुमों से हम सजाते जाएँगेआमद-ए-सरकार पर ख़ुशियाँ मनाते जाएँगे

नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा !नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा !

रहमतों के ताज वाले ! मरहबा या मुस्तफ़ा !दो जहाँ के राज वाले ! मरहबा या मुस्तफ़ा !'अर्श की मे'राज वाले ! मरहबा या मुस्तफ़ा !मेरे आक़ा नूर वाले ! मरहबा या मुस्तफ़ा !'आसियों की लाज वाले ! मरहबा या मुस्तफ़ा !

नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा !नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा !

बारहवीं के जश्न से हम को बड़ा ही प्यार हैख़ुश-दिली से हर बरस हम ये मनाते जाएँगे

नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा !नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा !

'आशिक़-ए-मीलाद हैं हम, ये हमारी शान हैहश्र तक मीलाद पर धूमें मचाते जाएँगे

नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा !नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा !

सुन्नत-ए-जिब्रील हरगिज़ हम न छोड़ेंगे कभीबारहवीं पर सब्ज़ झंडे हम लगाते जाएँगे

नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा !नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा !

सारी 'ईदों से बड़ी है 'ईद-ए-मीलादुन्नबीसैफ़ ! हम ये सारी दुनिया को बताते जाएँगे

नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा !नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा !

रहमतों के ताज वाले ! मरहबा या मुस्तफ़ा !दो जहाँ के राज वाले ! मरहबा या मुस्तफ़ा !'अर्श की मे'राज वाले ! मरहबा या मुस्तफ़ा !मेरे आक़ा नूर वाले ! मरहबा या मुस्तफ़ा !'आसियों की लाज वाले ! मरहबा या मुस्तफ़ा !

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